लेसिक सर्जरी क्या होती है:
LASIK (Laser-Assisted in Situ Keratomileusis) एक प्रकार की लेज़र नेत्र शल्यक्रिया (Laser Eye Surgery) है जो नज़दीक की न दिखाई देना (Myopia), दूर की न दिखाई देना (Hypermetropia) और ऐस्टिग्मैटिज़्म (Astigmatism) जैसी दृष्टि समस्याओं को ठीक करने के लिए की जाती है।
लेसिक सर्जरी में:
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कॉर्निया (आँख की पारदर्शी परत) की पतली सतह को लेज़र से काटकर एक फ्लैप (flap) बनाया जाता है।
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फिर अंदर के हिस्से को लेज़र से reshape किया जाता है ताकि रोशनी ठीक से रेटिना पर फोकस हो सके।
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अंत में फ्लैप को वापस उसकी जगह पर रख दिया जाता है — बिना टांकों (stitches) के
किसे लेसिक सर्जरी करानी चाहिए:
लेसिक उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो---
- चश्मा या कॉन्टैक्ट लेंस से परेशान हैं,
- और उनकी आँखों का नंबर (पावर) पिछले कम से कम 1 साल से स्थिर है।
आदर्श उम्र
- आमतौर पर 18 से 40 वर्ष के बीच के लोग लेसिक के लिए उपयुक्त माने जाते हैं।
- 18 वर्ष से कम उम्र में नहीं की जाती क्योंकि आँखों का नंबर बदलता रहता है।
- 40 वर्ष के बाद कुछ लोगों में Presbyopia (पास की चीज़ें धुंधली दिखना) शुरू हो जाती है — ऐसे में विशेष प्रकार की लेज़र सर्जरी (जैसे कंटूरा, SMILE या PresbyLASIK) सुझाई जाती है।
कब नहीं करानी चाहिए:
लेसिक सर्जरी नहीं करानी चाहिए यदि---
- आपकी आँख का नंबर लगातार बदल रहा हो,
- कॉर्निया बहुत पतला हो,
- कोई संक्रमण या ड्राई आई (Dry Eye) की समस्या हो,
- गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान (हार्मोनल बदलावों के कारण)।
रिकवरी और लाभ
- सर्जरी में केवल 10–15 मिनट लगते हैं (दोनों आँखों के लिए)।
- 1–2 दिन में सामान्य दृष्टि लौट आती है।
- ज़्यादातर मरीजों को 24 घंटे में साफ दृष्टि मिलने लगती है।
- स्थायी परिणाम, लेकिन कभी-कभी हल्का नंबर वापस आ सकता है।
- हल्की ड्राई आई
- रात में हल्का ग्लेयर या हैलो कॉर्निया की असमानता (rare)